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संबंधबोधक अव्यय: परिभाषा, प्रकार और 100+ उदाहरण, मुख्य बिंदु, 50+ MCQs [ PDF Download]

संबंध बोधक अव्यय | संबंध बोधक अव्यय के प्रकार | MCQs | PDF

Table of Contents

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​📖 संबंधबोधक अव्यय परिभाषा (Definition)

​”वे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर, उस संज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के दूसरे शब्दों के साथ बताते हैं, उन्हें संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।”

​सरल शब्दों में: ये वो ‘ब्रिज’ (Bridge) हैं जो संज्ञा को बाकी वाक्य से जोड़ते हैं।

​✍️ उदाहरण (Examples)

​इसे और स्पष्ट करने के लिए यहाँ कुछ वाक्य दिए गए हैं:

  1. वाक्य: छत के ऊपर बंदर बैठा है।
    • ​(यहाँ ‘के ऊपर’ शब्द ‘छत’ (संज्ञा) का संबंध ‘बंदर’ से जोड़ रहा है।)
  2. वाक्य: धन के बिना जीवन कठिन है।
    • ​(यहाँ ‘के बिना’ शब्द ‘धन’ का संबंध ‘जीवन’ से बता रहा है।)
  3. वाक्य: स्कूल के पास बगीचा है।
    • ​(यहाँ ‘के पास’ स्थान का संबंध बता रहा है।)

​💡 मुख्य पहचान (Key Identification)

​संबंधबोधक अव्यय की पहचान यह है कि इनके पहले अक्सर ‘के’, ‘से’ या ‘की’ जैसे शब्द जरूर आते हैं।

  • के साथ, के पीछे, के सामने
  • की ओर, की तरफ, की जगह
  • से पहले, से दूर, से अलग

अव्यय – विकिपीडिया

​📘 संबंधबोधक अव्यय: प्रकार संपूर्ण मार्गदर्शिका (Complete Guide)

​हिंदी व्याकरण में संबंधबोधक अव्यय वे शब्द हैं जो संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य भाग से संबंध जोड़ते हैं। व्याकरण की दृष्टि से इन्हें तीन मुख्य आधारों पर वर्गीकृत किया गया है:

​1. प्रयोग के आधार पर संबंधबोधक अव्यय (Based on Usage)

​प्रयोग की स्थिति को देखते हुए इसे दो भागों में बाँटा गया है:

  • सविभक्तिक: जो अव्यय संज्ञा/सर्वनाम की विभक्तियों (के, की, से) के साथ आते हैं।
    • उदाहरण: घर के बाहर, दुकान के पास।
  • निर्विभक्तिक: जो शब्द बिना विभक्ति के संज्ञा के पीछे लगते हैं।
    • उदाहरण: वह सहित परिवार आया, वह रातभर जागता रहा।

​2. व्युत्पत्ति (बनावट) के आधार पर संबंधबोधक अव्यय (Based on Origin)

​शब्दों की रचना कैसे हुई, इस आधार पर भी इसके दो भेद हैं:

  • मूल संबंधबोधक: जो शब्द अपने आप में स्वतंत्र होते हैं और किसी दूसरे शब्द से नहीं बने होते।
    • उदाहरण: बिना, पर्यंत, नाई, समेत।
  • यौगिक संबंधबोधक: जो संज्ञा, विशेषण या क्रिया के मेल से बनते हैं।
    • उदाहरण: ‘अपेक्षा’ से बना की अपेक्षा, ‘तुलना’ से बना की तुलना में

​3. अर्थ के आधार पर संबंधबोधक अव्यय:

NCERT Books

​अर्थ के आधार पर इसे मुख्य रूप से 13 श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

​यह शब्द समय या अवधि का बोध कराते हैं।

  • शब्द: के आगे, के पीछे, के बाद, के पश्चात, के पहले, के पूर्व।
  • उदाहरण:
    1. ​राम के बाद कोई नहीं आया।
    2. ​भोजन से पहले हाथ धोना चाहिए।
    3. ​परीक्षा के पश्चात हम घूमने जाएंगे।

​संज्ञा या सर्वनाम की स्थिति या स्थान का बोध कराने वाले शब्द।

  • शब्द: के ऊपर, के नीचे, के बाहर, के भीतर, के समीप, के निकट, के बीच।
  • उदाहरण:
    1. ​बिल्ली मेज के नीचे बैठी है।
    2. ​घर के बाहर नीम का पेड़ है।
    3. ​अलमारी के भीतर कपड़े रखे हैं।

​किसी निश्चित दिशा की ओर संकेत करने वाले शब्द।

  • शब्द: की ओर, की तरफ, के आसपास, के पार, के प्रति।
  • उदाहरण:
    1. ​वह नदी की ओर गया है।
    2. ​घर के आसपास बहुत हरियाली है।
    3. ​वे सीमा के पार चले गए।

​4. साधनवाचक (Instrumental)

​जब किसी वस्तु को माध्यम या साधन के रूप में दिखाया जाए।

  • शब्द: के द्वारा, के जरिए, के सहारे, के माध्यम से, के हाथ।
  • उदाहरण:
    1. ​उसने डाक के द्वारा पत्र भेजा।
    2. ​वह लाठी के सहारे चलता है।
    3. ​इंटरनेट के माध्यम से पढ़ाई आसान हो गई है।

​किसी कार्य के होने का कारण या उद्देश्य बताने वाले शब्द।

  • शब्द: के कारण, के मारे, के चलते, की खातिर, के वास्ते, के लिए।
  • उदाहरण:
    1. ​वह ठंड के मारे कांप रहा था।
    2. ​प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल है।
    3. ​मैंने तुम्हारे वास्ते यह किया।

​जब किसी एक को छोड़कर बाकी की बात की जाए (अलावा/सिवाय)।

  • शब्द: के अलावा, के बिना, के सिवा, के अतिरिक्त, के रहित।
  • उदाहरण:
    1. ​जल के बिना जीवन संभव नहीं है।
    2. ​तुम्हारे सिवा मेरा यहाँ कौन है?
    3. ​उसने फल के अतिरिक्त कुछ नहीं खाया।

​एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु का भाव।

  • शब्द: के बदले, की जगह, के स्थान पर।
  • उदाहरण:
    1. ​मैंने पुराने फोन के बदले नया फोन लिया।
    2. ​श्याम की जगह आज राम खेलेगा।

​समानता या तुलना दिखाने के लिए।

  • शब्द: के समान, की तरह, की भांति, के बराबर, की अपेक्षा, के सामने।
  • उदाहरण:
    1. ​वह शेर के समान बहादुर है।
    2. ​आज की धूप कल की अपेक्षा तेज है।
    3. ​तुम बिल्कुल अपने पिता की तरह दिखते हो।

​विपरीत दिशा या प्रतिकूल भाव प्रकट करने वाले शब्द।

  • शब्द: के विरुद्ध, के खिलाफ, के विपरीत, के उलटे।
  • उदाहरण:
    1. ​हमें कानून के विरुद्ध नहीं जाना चाहिए।
    2. ​वह अपनी किस्मत के विपरीत लड़ रहा है।
    3. ​वह मेरे खिलाफ बोल रहा था।

​साथ होने का बोध कराने वाले शब्द।

  • शब्द: के साथ, के संग, के सहित, के समेत।
  • उदाहरण:
    1. ​बच्चे पिता के साथ बाज़ार गए।
    2. ​वह परिवार समेत यहाँ आया है।

​किसी खास विषय या टॉपिक की चर्चा।

  • शब्द: के विषय में, के बाबत, के नाम, के भरोसे।
  • उदाहरण:
    1. ​मुझे इस विषय में कुछ नहीं पता।
    2. ​उसने मेरे नाम एक संदेश छोड़ा है।

​सीमा या मर्यादा का बोध कराने वाले शब्द।

  • शब्द: भर, तक, पर्यंत, मात्र।
  • उदाहरण:
    1. ​वह जीवनभर मेहनत करता रहा।
    2. ​समुद्र पर्यंत पृथ्वी फैली है।
    3. ​उसने रातभर पढ़ाई की।

​अलग होने का भाव दिखाने वाले शब्द।

  • शब्द: से दूर, से अलग, से हटकर।
  • उदाहरण:
    1. ​वह समाज से अलग रहता है।
    2. ​मेरा घर शहर से दूर है।

तालिका: अर्थ के आधार पर संबंधबोधक अव्यय के प्रकार :

Grammar – Britannica

क्रमप्रकार (Category)मुख्य शब्द (Focus Keywords)उदाहरण वाक्य
1कालवाचक (Time)के आगे, के पीछे, के बाद, के पहले, के पश्चातभोजन के बाद टहलना चाहिए।
2स्थानवाचक (Space)के ऊपर, के नीचे, के बाहर, के भीतर, के पासमेज के ऊपर मोबाइल रखा है।
3दिशावाचक (Direction)की ओर, की तरफ, के आसपास, के पारवह नदी की ओर जा रहा है।
4साधनवाचक (Means)के द्वारा, के जरिए, के सहारे, के माध्यम सेमैंने इंटरनेट के माध्यम से सीखा।
5हेतुवाचक (Reason)के कारण, के मारे, के चलते, की खातिरवह डर के मारे कांपने लगा।
6व्यतिरेकवाचक (Exception)के बिना, के अलावा, के सिवा, के अतिरिक्तजल के बिना जीवन संभव नहीं है।
7विनिमयवाचक (Exchange)के बदले, की जगह, के स्थान परपुराने फोन के बदले नया फोन मिला।
8सादृश्यवाचक (Comparison)के समान, की तरह, की भांति, के जैसावह शेर के समान निडर है।
9तुलनावाचक (Contrast)की अपेक्षा, के सामने, के मुकाबलेआज कल की अपेक्षा अधिक गर्मी है।
10विरोधवाचक (Opposition)के विरुद्ध, के खिलाफ, के विपरीतहमें नियम के विरुद्ध नहीं जाना चाहिए।
11सहचरवाचक (Association)के साथ, के संग, के सहित, के समेतसीता जी के साथ राम जी वन गए।
12विषयवाचक (Subject)के विषय में, के बाबत, के नामवह अपनी पढ़ाई के विषय में सजग है।
13संग्रहवाचक (Collection)तक, पर्यंत, भर, मात्रउसने जीवनभर ईमानदारी से काम किया।
14पृथकतावाचक (Separation)से दूर, से अलग, से हटकरउसका घर शहर से दूर है।

​🚀 संबंधबोधक अव्यय: 100+ उदाहरण (वाक्य प्रयोग सहित)

​1. स्थानवाचक (30 उदाहरण)

  1. ​हमारे घर के सामने पार्क है।
  2. ​बिल्ली मेज के नीचे छिपी है।
  3. ​मंदिर के पास फूल की दुकान है।
  4. ​पेड़ के ऊपर बंदर बैठा है।
  5. ​कमरे के बाहर अंधेरा है।
  6. ​वह खिड़की के निकट खड़ा है।
  7. ​दो पहाड़ों के बीच नदी बहती है।
  8. ​घर के भीतर मेहमान आए हैं।
  9. ​सड़क के किनारे पेड़ लगे हैं।
  10. ​स्कूल के समीप मैदान है।
  11. ​सोफे के पीछे रिमोट गिर गया।
  12. ​मेरे घर के पास हॉस्पिटल है।
  13. ​छत के ऊपर कपड़े सूख रहे हैं।
  14. ​संदूक के अंदर गहने रखे हैं।
  15. ​गाँव के बाहर तालाब है।
  16. ​दुकान के आगे भीड़ लगी है।
  17. ​तारों के बीच चंद्रमा चमक रहा है।
  18. ​बाल्टी के भीतर पानी भरा है।
  19. ​गेट के सामने गाड़ी मत खड़ी करो।
  20. ​जंगल के मध्य एक झोपड़ी है।
  21. ​कुर्सी के नीचे चप्पल है।
  22. ​लाइब्रेरी के समीप शांति है।
  23. ​मंच के ऊपर नेता जी हैं।
  24. ​दीवार के पीछे कोई है।
  25. ​खंभे के पास साइकिल खड़ी है।
  26. ​बेसमेंट के नीचे पार्किंग है।
  27. ​मॉल के बाहर सुरक्षा कर्मी हैं।
  28. ​स्टेडियम के भीतर दर्शक हैं।
  29. ​होटल के सामने चौराहा है।
  30. ​बिस्तर के नीचे किताब है।

​2. कालवाचक (15 उदाहरण)

  1. ​राम से पहले लक्ष्मण आए।
  2. ​खाने के बाद पानी मत पियो।
  3. ​शाम के पश्चात वह घर आया।
  4. ​सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए।
  5. ​होली के पीछे दिवाली आती है।
  6. ​परीक्षा के उपरांत हम खेलेंगे।
  7. ​सोमवार के बाद मंगलवार आता है।
  8. ​शादी से पहले बहुत काम था।
  9. ​बचपन के बाद जवानी आती है।
  10. ​रात के पश्चात सवेरा होता है।
  11. ​दस बजे के बाद शोर मत करो।
  12. ​बारिश से पूर्व बादल छा गए।
  13. ​युद्ध के उपरांत शांति हुई।
  14. ​फिल्म के बाद खाना खाएंगे।
  15. ​जाने से पहले मुझे फोन करना।

​3. दिशावाचक (10 उदाहरण)

  1. ​वह बाजार की ओर गया है।
  2. ​मैदान की तरफ मत जाओ।
  3. ​घर के आसपास सफाई रखो।
  4. ​समुद्र के पार दूसरा देश है।
  5. ​स्कूल की ओर रास्ता जाता है।
  6. ​शहर के चारों ओर दीवार है।
  7. ​नदी के पार छोटा गाँव है।
  8. ​वह उत्तर की दिशा में गया।
  9. ​स्टेशन की तरफ भीड़ है।
  10. ​मंदिर के चारों तरफ भक्त हैं।

​4. साधनवाचक (10 उदाहरण)

  1. ​उसने चाकू के द्वारा फल काटा।
  2. ​मैं बस के जरिए दिल्ली पहुँचा।
  3. ​वह लाठी के सहारे चलता है।
  4. ​विज्ञापन के माध्यम से प्रचार हुआ।
  5. ​पत्र के द्वारा सूचना मिली।
  6. ​गूगल के जरिए सब पता चला।
  7. ​खिड़की के माध्यम से हवा आई।
  8. ​वह अपने मित्र के सहारे जीता है।
  9. ​डंडे के द्वारा मिट्टी खोदी।
  10. ​ईमेल के माध्यम से जवाब मिला।

​5. हेतु/उद्देश्यवाचक (10 उदाहरण)

  1. ​पढ़ाई के लिए वह शहर गया।
  2. ​देश की खातिर सिपाही शहीद हुए।
  3. ​वह अपने बच्चों के वास्ते कमाता है।
  4. ​आराम के निमित्त वह लेटा है।
  5. ​फल के लिए पेड़ मत काटो।
  6. ​स्वास्थ्य की खातिर कसरत करो।
  7. ​प्यास के मारे वह बेहाल था।
  8. ​डर के कारण वह बोला नहीं।
  9. ​भूख के चलते वह रो रहा है।
  10. ​बारिश के कारण मैच रुक गया।

​6. व्यतिरेकवाचक (10 उदाहरण)

  1. ​हवा के बिना जीवन नहीं है।
  2. ​तुम्हारे सिवा यहाँ कौन है?
  3. ​पानी के अलावा कुछ लाओ।
  4. ​रोहन के अतिरिक्त सब आए थे।
  5. ​चीनी के रहित चाय बनाओ।
  6. ​ज्ञान के बिना इंसान अधूरा है।
  7. ​धन के अतिरिक्त खुशी भी चाहिए।
  8. ​मेरे सिवा उसे कोई नहीं जानता।
  9. ​भोजन के अलावा फल भी दो।
  10. ​मोबाइल के बिना वह नहीं रह सकता।

​7. तुलना/सादृश्यवाचक (15 उदाहरण)

  1. ​राम के समान कोई भाई नहीं।
  2. ​वह शेर की तरह दहाड़ा।
  3. ​आज कल की अपेक्षा ठंड है।
  4. ​वह अपने पिता की भांति है।
  5. ​हीरा पत्थर के बराबर नहीं।
  6. ​यह घर महल के जैसा है।
  7. ​तुम्हारी बुद्धि बैल के समान है।
  8. ​सोने की अपेक्षा चांदी सस्ती है।
  9. ​अर्जुन के जैसा धनुर्धर कोई नहीं।
  10. ​माँ की तरह ममता कहीं नहीं।
  11. ​वह बिजली की भांति चमका।
  12. ​राम की तुलना में श्याम लंबा है।
  13. ​भारत के मुकाबले कोई देश नहीं।
  14. ​बर्फ के समान ठंडा पानी।
  15. ​शहद की तरह मीठा बोलो।
  16. ​लक्ष्मण राम के बराबर ही थे।

संबंधबोधक अव्यय: 50 महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs)

निर्देश: सही विकल्प का चुनाव करें।

  1. ‘पेड़ के ऊपर पक्षी बैठे हैं।’ इस वाक्य में संबंधबोधक शब्द कौन-सा है? (क) पेड़ (ख) के ऊपर (ग) पक्षी (घ) बैठे हैं
  2. ‘धन के बिना जीवन कठिन है।’ यहाँ ‘के बिना’ किस प्रकार का संबंधबोधक है? (क) कालवाचक (ख) स्थानवाचक (ग) व्यतिरेकवाचक (घ) दिशावाचक
  3. संज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से जोड़ने वाले शब्द कहलाते हैं: (क) क्रिया (ख) संबंधबोधक (ग) विशेषण (घ) संज्ञा
  4. ‘राम के साथ लक्ष्मण भी वन गए।’ वाक्य में ‘के साथ’ कौन-सा भेद है? (क) सहचरवाचक (ख) तुलनावाचक (ग) हेतुवाचक (घ) विरोधवाचक
  5. ‘वह घर की ओर गया है।’ यहाँ ‘की ओर’ क्या संकेत कर रहा है? (क) समय (ख) दिशा (ग) साधन (घ) विरोध
  6. ‘विद्या के बिना मनुष्य पशु समान है।’ वाक्य में संबंधबोधक अव्यय पहचानें: (क) विद्या (ख) मनुष्य (ग) के बिना (घ) पशु
  7. ‘मेरे घर के सामने मंदिर है।’ यहाँ ‘के सामने’ क्या दर्शाता है? (क) स्थान (ख) काल (ग) साधन (घ) हेतु
  8. ‘आज की अपेक्षा कल अधिक गर्मी थी।’ इस वाक्य में ‘की अपेक्षा’ है: (क) विरोधवाचक (ख) तुलनावाचक (ग) कालवाचक (घ) दिशावाचक
  9. ‘डर के मारे वह काँपने लगा।’ यहाँ ‘के मारे’ किस श्रेणी में आता है? (क) हेतुवाचक (ख) स्थानवाचक (ग) साधनवाचक (घ) सहचरवाचक
  10. ‘वह लाठी के सहारे चल रहा है।’ यहाँ ‘के सहारे’ क्या है? (क) दिशा (ख) समय (ग) साधन (घ) तुलना
  11. ‘राम से पहले श्याम पहुँचा।’ वाक्य में ‘से पहले’ है: (क) स्थानवाचक (ख) कालवाचक (ग) दिशावाचक (घ) विरोधवाचक
  12. ‘पुलिस चोर के पीछे भाग रही है।’ वाक्य में संबंधबोधक शब्द है: (क) पुलिस (ख) चोर (ग) के पीछे (घ) भाग रही
  13. ‘भोजन के उपरांत विश्राम करना चाहिए।’ यहाँ ‘के उपरांत’ का अर्थ है: (क) स्थान (ख) समय (ग) साधन (घ) दिशा
  14. ‘सत्य के मार्ग पर चलो।’ यहाँ ‘के मार्ग पर’ किस प्रकार का अव्यय है? (क) संबंधबोधक (ख) क्रियाविशेषण (ग) समुच्चयबोधक (घ) विस्मयादिबोधक
  15. ‘वह नियम के विरुद्ध कार्य करता है।’ यहाँ ‘के विरुद्ध’ है: (क) सहचरवाचक (ख) विरोधवाचक (ग) हेतुवाचक (घ) तुलनावाचक
  16. ‘मैं पिताजी के संग बाज़ार गया।’ यहाँ ‘के संग’ दर्शाता है: (क) दिशा (ख) साधन (ग) साथ होने का भाव (घ) स्थान
  17. ‘छत के ऊपर मोर नाच रहा है।’ वाक्य में संबंधबोधक अव्यय है: (क) छत (ख) के ऊपर (ग) मोर (घ) नाच रहा
  18. ‘ज्ञान के अतिरिक्त उसके पास कुछ नहीं।’ यहाँ ‘के अतिरिक्त’ है: (क) व्यतिरेकवाचक (ख) कालवाचक (ग) दिशावाचक (घ) तुलनावाचक
  19. ‘वह स्कूल की तरफ गया है।’ यहाँ ‘की तरफ’ है: (क) कालवाचक (ख) दिशावाचक (ग) स्थानवाचक (घ) साधनवाचक
  20. ‘उसके पास मात्र दस रुपये हैं।’ यहाँ ‘मात्र’ किस प्रकार का संबंधबोधक है? (क) संग्रहवाचक (ख) तुलनावाचक (ग) विरोधवाचक (घ) हेतुवाचक

21. ‘मैंने पुराने फोन के बदले नया फोन लिया।’ वाक्य में ‘के बदले’ कौन-सा भेद है?

(अ) कालवाचक

(ब) विनिमयवाचक

(स) दिशावाचक

(द) साधनवाचक

उत्तर: (ब) विनिमयवाचक

22. ‘देश की खातिर वीरों ने जान दे दी।’ वाक्य में संबंधबोधक शब्द पहचानें:

(अ) देश

(ब) वीरों

(स) की खातिर

(द) जान दे दी

उत्तर: (स) की खातिर

23. ‘वह क्रोध के वश होकर चिल्लाने लगा।’ यहाँ ‘के वश’ किस प्रकार का अव्यय है?

(अ) सहचरवाचक

(ब) विरोधवाचक

(स) तुलनावाचक

(द) स्थानवाचक

उत्तर: (अ) सहचरवाचक

24. ‘अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।’ यहाँ ‘के खिलाफ’ है:

(अ) दिशावाचक

(ब) साधनवाचक

(स) विरोधवाचक

(द) कालवाचक

उत्तर: (स) विरोधवाचक

25. ‘सीता का मुख चंद्रमा के समान सुंदर है।’ वाक्य में ‘के समान’ क्या दर्शाता है?

(अ) पृथकता

(ब) सादृश्यता/तुलना

(स) समय

(द) कारण

उत्तर: (ब) सादृश्यता/तुलना

26. ‘इंटरनेट के माध्यम से शिक्षा सुलभ हुई है।’ यहाँ ‘के माध्यम से’ का भेद है:

(अ) साधनवाचक

(ब) स्थानवाचक

(स) कालवाचक

(द) दिशावाचक

उत्तर: (अ) साधनवाचक

27. ‘अलमारी के भीतर महत्वपूर्ण कागजात हैं।’ यहाँ ‘के भीतर’ सूचक है:

(अ) काल का

(ब) स्थान का

(स) विरोध का

(द) तुलना का

उत्तर: (ब) स्थान का

28. ‘वह जीवनभर सच बोलता रहा।’ इस वाक्य में संबंधबोधक अव्यय है:

(अ) वह

(ब) जीवनभर

(स) सच

(द) बोलता रहा

उत्तर: (ब) जीवनभर (निर्विभक्तिक)

29. ‘मेरा घर स्कूल से दूर है।’ यहाँ ‘से दूर’ किस श्रेणी में आता है?

(अ) सहचरवाचक

(ब) पृथकतावाचक

(स) हेतुवाचक

(द) विषयवाचक

उत्तर: (ब) पृथकतावाचक

30. ‘भोजन के उपरांत विश्राम करें।’ वाक्य में ‘के उपरांत’ किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?

(अ) स्थान

(ब) काल (समय)

(स) दिशा

(द) साधन

उत्तर: (ब) काल (समय)

31. ‘राम की अपेक्षा श्याम अधिक चतुर है।’ यहाँ ‘की अपेक्षा’ है:

(अ) तुलनावाचक

(ब) विरोधवाचक

(स) स्थानवाचक

(द) साधनवाचक

उत्तर: (अ) तुलनावाचक

32. ‘वह ठंड के मारे काँप रहा था।’ यहाँ ‘के मारे’ का अर्थ है:

(अ) साधन

(ब) कारण/हेतु

(स) दिशा

(द) व्यतिरेक

उत्तर: (ब) कारण/हेतु

33. ‘तुम्हारे सिवा मेरा यहाँ कोई नहीं है।’ वाक्य में संबंधबोधक शब्द है:

(अ) तुम्हारे

(ब) सिवा

(स) मेरा

(द) कोई नहीं

उत्तर: (ब) सिवा

34. ‘गाँव के चारों ओर हरियाली है।’ यहाँ ‘के चारों ओर’ कौन-सा भेद है?

(अ) कालवाचक

(ब) दिशावाचक

(स) साधनवाचक

(द) हेतुवाचक

उत्तर: (ब) दिशावाचक

35. ‘वह परिवार समेत यहाँ आया है।’ यहाँ ‘समेत’ किस प्रकार का संबंधबोधक है?

(अ) सहचरवाचक

(ब) विरोधवाचक

(स) कालवाचक

(द) स्थानवाचक

उत्तर: (अ) सहचरवाचक

36. ‘छात्रों के निमित्त यह पुस्तकालय खुला है।’ वाक्य में ‘के निमित्त’ का अर्थ है:

(अ) समय के लिए

(ब) उद्देश्य/कारण के लिए

(स) दिशा के लिए

(द) तुलना के लिए

उत्तर: (ब) उद्देश्य/कारण के लिए

37. ‘मैंने नौकर के हाथ संदेश भेजा।’ यहाँ ‘के हाथ’ का कार्य क्या है?

(अ) साधन का बोध कराना

(ब) स्थान का बोध कराना

(स) समय का बोध कराना

(द) विरोध का बोध कराना

उत्तर: (अ) साधन का बोध कराना

38. ‘वह अस्पताल की ओर गया है।’ यहाँ ‘की ओर’ है:

(अ) कालवाचक

(ब) दिशावाचक

(स) तुलनावाचक

(द) व्यतिरेकवाचक

उत्तर: (ब) दिशावाचक

39. ‘आज धूप कल की तुलना में तेज है।’ यहाँ ‘की तुलना में’ है:

(अ) सादृश्यवाचक

(ब) तुलनावाचक

(स) विरोधवाचक

(द) कालवाचक

उत्तर: (ब) तुलनावाचक

40. ‘वह बचपन से ही चंचल है।’ यहाँ ‘से ही’ दर्शाता है:

(अ) स्थान

(ब) काल (समय)

(स) साधन

(द) पृथकता

उत्तर: (ब) काल (समय)

41. ‘तुमने नियम के विरुद्ध कार्य किया।’ यहाँ ‘के विरुद्ध’ है:

(अ) विरोधवाचक

(ब) सहचरवाचक

(स) हेतुवाचक

(द) दिशावाचक

उत्तर: (अ) विरोधवाचक

42. ‘पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं।’ इस वाक्य में क्या संबंधबोधक अव्यय है?

(अ) पक्षी

(ब) आकाश

(स) में

(द) उड़ रहे

उत्तर: (स) में (विभक्ति रूप में संबंधबोधक)

43. ‘वह अपनी मेहनत के भरोसे सफल हुआ।’ यहाँ ‘के भरोसे’ है:

(अ) विषयवाचक

(ब) साधन/हेतुवाचक

(स) दिशावाचक

(द) कालवाचक

उत्तर: (ब) साधन/हेतुवाचक

44. ‘उसने रातभर पढ़ाई की।’ यहाँ ‘रातभर’ किस प्रकार का संबंधबोधक है?

(अ) सविभक्तिक

(ब) निर्विभक्तिक

(स) यौगिक

(द) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (ब) निर्विभक्तिक

45. ‘वह मित्रों के संग पिकनिक गया।’ वाक्य में ‘के संग’ है:

(अ) सहचरवाचक

(ब) स्थानवाचक

(स) कालवाचक

(द) तुलनावाचक

उत्तर: (अ) सहचरवाचक

46. ‘मेरे पास मात्र पाँच रुपये हैं।’ यहाँ ‘मात्र’ किस अर्थ में है?

(अ) सीमा/संग्रहवाचक

(ब) दिशावाचक

(स) विरोधवाचक

(द) साधनवाचक

उत्तर: (अ) सीमा/संग्रहवाचक

47. ‘वह कुर्सी के पास खड़ा है।’ यहाँ ‘के पास’ दर्शाता है:

(अ) समय

(ब) स्थान

(स) साधन

(द) हेतु

उत्तर: (ब) स्थान

48. ‘बुद्धि धन की अपेक्षा श्रेष्ठ है।’ यहाँ ‘की अपेक्षा’ है:

(अ) तुलनावाचक

(ब) व्यतिरेकवाचक

(स) हेतुवाचक

(द) कालवाचक

उत्तर: (अ) तुलनावाचक

49. ‘जंगल के मध्य एक आश्रम था।’ यहाँ ‘के मध्य’ है:

(अ) स्थानवाचक

(ब) दिशावाचक

(स) कालवाचक

(द) हेतुवाचक

उत्तर: (अ) स्थानवाचक

50. ‘वह विद्यालय तक गया।’ यहाँ ‘तक’ किस प्रकार का संबंधबोधक है?

(अ) संग्रहवाचक/सीमावाचक

(ब) कालवाचक

(स) दिशावाचक

(द) विरोधवाचक

उत्तर: (अ) संग्रहवाचक/सीमावाचक

निष्कर्ष (Conclusion)

संबंधबोधक अव्यय हिंदी व्याकरण का वह महत्वपूर्ण सेतु (Bridge) है, जो वाक्य के विभिन्न शब्दों को आपस में जोड़कर उसे अर्थपूर्ण बनाता है। इसके बिना वाक्य अधूरा और अस्पष्ट प्रतीत होता है।

​इस लेख के माध्यम से हमने समझा कि:

  • ​यह न केवल संज्ञा और सर्वनाम का संबंध जोड़ता है, बल्कि वाक्य में स्थान, समय, दिशा और साधन जैसी स्थितियों को भी स्पष्ट करता है।
  • ​इसे पहचानने का सबसे सरल तरीका इसके साथ जुड़ने वाले विभक्ति चिह्न जैसे ‘के’, ‘की’, ‘से’ हैं।
  • ​प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अर्थ के आधार पर इसके भेदों को समझना अत्यंत आवश्यक है।

​हमें उम्मीद है कि ‘संबंधबोधक अव्यय’ पर आधारित यह विस्तृत मार्गदर्शिका आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी। चाहे आप स्कूली छात्र हों या किसी प्रतियोगी परीक्षा (जैसे REET, CTET, या अन्य राज्य स्तरीय परीक्षा) की तैयारी कर रहे हों, यह जानकारी आपके व्याकरण कौशल को और मजबूत बनाएगी।

क्या आपको ‘क्रियाविशेषण’ और ‘संबंधबोधक’ के बीच का अंतर समझ आया? नीचे दिए गए वाक्य में संबंधबोधक शब्द पहचानकर कमेंट में बताएं:

“सफलता के लिए कठिन परिश्रम अनिवार्य है।”

संबंधबोधक अव्यय किसे कहते हैं? सरल उदाहरण से समझाएं।

वे अविकारी शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम के बाद लगकर उसका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों (संज्ञा/क्रिया) से जोड़ते हैं, उन्हें संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

क्रियाविशेषण और संबंधबोधक अव्यय में मुख्य अंतर क्या है?

यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न है। मुख्य अंतर प्रयोग का है:
क्रियाविशेषण: जब कोई शब्द अकेले आकर क्रिया की विशेषता बताए (उदा: वह बाहर बैठा है)।
संबंधबोधक: जब वही शब्द संज्ञा/सर्वनाम के साथ आकर संबंध बताए (उदा: वह घर के बाहर बैठा है)। इसमें अक्सर ‘के’ या ‘से’ विभक्ति का प्रयोग होता है।

अर्थ के आधार पर संबंधबोधक अव्यय के कितने भेद होते हैं?

विभिन्न व्याकरणविदों के अनुसार अर्थ के आधार पर इसके 13 से 14 मुख्य भेद होते हैं। इनमें कालवाचक (बाद/पहले), स्थानवाचक (ऊपर/नीचे), दिशावाचक (ओर/तरफ), साधनवाचक (द्वारा/जरिए) और हेतुवाचक (कारण/खातिर) सबसे प्रमुख हैं।

प्रयोग के आधार पर संबंधबोधक अव्यय के दो प्रकार कौन-से हैं?

प्रयोग के आधार पर इसके दो प्रकार होते हैं:
सविभक्तिक: जो विभक्तियों के साथ आते हैं (जैसे: ‘के’ पास, ‘की’ ओर)।
निर्विभक्तिक: जो बिना विभक्ति के सीधे संज्ञा के साथ जुड़ते हैं (जैसे: रातभर, जीवनपर्यंत)।

क्या ‘तक’ और ‘भर’ भी संबंधबोधक अव्यय हैं?

हाँ, ‘तक’ और ‘भर’ को सीमावाचक या संग्रहवाचक संबंधबोधक अव्यय कहा जाता है। ये अक्सर निर्विभक्तिक रूप में प्रयोग होते हैं।
उदाहरण: “वह सुबह तक लौट आएगा” या “उसने रातभर काम किया।”

https://e-gyansetu.com/2026/04/20/samas-aur-samas-vigrah

संबंधबोधक अव्यय 🙏


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