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उपसर्ग किसे कहते है? 250+ उदाहरण। Important PDF Notes

उपसर्ग किसे कहते है | भेद | उदाहरण | PDF | tricks

उपसर्ग किसे कहते है? भेद और उदाहरण चार्ट

उपसर्ग की परिभाषा (Definition of Upsarg)

( upsarg kise kahte hai) (उपसर्ग किसे कहते है)

​’उपसर्ग’ दो शब्दों के मेल से बना है— ‘उप’ (समीप) और ‘सर्ग’ (सृष्टि करना/निर्माण करना)।

​”वे शब्दांश जो किसी शब्द के पूर्व (पहले) जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।”

उदाहरण के लिए:

  • हार शब्द का अर्थ है – पराजय।
  • ​यदि इसके आगे ‘प्र’ उपसर्ग जोड़ दें, तो शब्द बनेगा — प्रहार (चोट करना)।
  • ​यदि इसके आगे ‘आ’ उपसर्ग जोड़ दें, तो शब्द बनेगा — आहार (भोजन)।

उपसर्ग के भेद (Types of Prifix )

(upsarg kise kahte hai) (उपसर्ग किसे कहते हैं)

हिंदी व्याकरण में उपसर्ग को उनकी उत्पत्ति के आधार पर मुख्य रूप से चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

1. संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम उपसर्ग)

​ये वे उपसर्ग हैं जो संस्कृत भाषा से ज्यों के त्यों हिंदी में आ गए हैं। संस्कृत में इनकी संख्या मुख्य रूप से 22 मानी गई है।

संस्कृत के सभी 22 उपसर्ग (विस्तृत तालिका)

क्रमउपसर्गअर्थउदाहरण (Examples)
1अतिअधिक, परेअत्यंत, अत्याचार, अतिरिक्त, अतिशय, अतिवृष्टि
2अधिश्रेष्ठ, ऊपरअधिकार, अध्यक्ष, अधिपति, अधिराज, अधिगम
3अनुपीछे, समानअनुज, अनुशासन, अनुभव, अनुवाद, अनुकरण
4अपबुरा, हीनअपमान, अपशब्द, अपराध, अपकार, अपकीर्ति
5अभिसामने, पासअभिमान, अभ्यास, अभिभाषण, अभिनव, अभिवादन
6अवबुरा, नीचेअवगुण, अवनति, अवतार, अवलोकन, अवशेष
7तक, समेतआजीवन, आरक्षण, आक्रमण, आभार, जन्म
8उत्/उद्ऊँचा, श्रेष्ठउत्साह, उन्नति, उद्गम, उत्कर्ष, उत्तम
9उपनिकट, छोटाउपदेश, उपवन, उपनाम, उपचार, उपहार
10दुस्बुरा, कठिनदुस्साहस, दुसाध्य, दुष्कर, दुश्चिंता
11दुर्बुरा, कठिनदुर्जन, दुर्दशा, दुर्लभ, दुर्घटना, दुरुपयोग
12निनीचे, भीतरनिपात, नियोग, निवारण, निमग्न, निबंध
13निर्बिना, बाहरनिर्धन, निर्मल, निर्दोष, निर्भय, निर्वाचित
14निस्बिना, बाहरनिश्चय, निस्तेज, निष्काम, निष्फल
15पराउलटा, पीछेपराजय, पराभव, परामर्श, पराक्रम, परावर्तन
16परिचारों ओरपर्यावरण, परिपूर्ण, परिधि, परिणाम, परिमार्जन
17प्रअधिक, आगेप्रयत्न, प्रहार, प्रमाण, प्रलय, प्रगति
18प्रतिप्रत्येक, विपरीतप्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रत्येक, प्रतिध्वनि, प्रतिवाद
19विविशेष, भिन्नविज्ञान, विदेश, विवाद, विशेष, विलोम
20सम्पूर्णता, साथसंतोष, सम्मलेन, संहार, संकल्प, संचय
21सुअच्छा, सरलसुपुत्र, सुगम, सुशिक्षित, सुलभ, स्वागत (सु+आगत)
22निविशेष रूप से(नोट: कई विद्वान ‘नि’ को अलग मानते हैं, कुछ ‘नी’ को शामिल करते हैं)

2. हिंदी उपसर्ग (तद्भव उपसर्ग ):

संस्कृत के उपसर्गों के बाद, हिंदी व्याकरण में हिंदी के उपसर्गों (तद्भव उपसर्ग) का बहुत महत्व है। ये उपसर्ग मूल रूप से संस्कृत से ही आए हैं, लेकिन समय के साथ इनका रूप सरल और तद्भव हो गया है।

हिंदी के उपसर्ग किसे कहते हैं?

(upsarg kise kahte hai) (उपसर्ग किसे कहते हैं)

​वे उपसर्ग जो मूलतः हिंदी के अपने शब्दों के साथ जुड़ते हैं या संस्कृत के उपसर्गों के अपभ्रंश (बदले हुए रूप) हैं, उन्हें हिंदी के उपसर्ग या तद्भव उपसर्ग कहा जाता है। इनका प्रयोग ग्रामीण और बोलचाल की भाषा के शब्दों के साथ अधिक होता है।

प्रमुख हिंदी उपसर्गों की विस्तृत तालिका

(upsarg kise kahte hai) ( उपसर्ग किसे कहते हैं)

​यहाँ हिंदी के सबसे महत्वपूर्ण उपसर्ग, उनके अर्थ और कई उदाहरण दिए गए हैं:

उपसर्गअर्थउदाहरण (Examples)
अभाव, निषेधअछूत, अथाह, अटल, अचेत, अलगा
अननिषेध (अभाव)अनपढ़, अनमोल, अनजान, अनबन, अनहोनी
अधआधाअधपका, अधमरा, अधखिला, अधकचरा
उनएक कमउन्नीस, उनतीस, उनचास, उनसठ, उनहत्तर
औ / अवहीन, निषेधऔगुण, औघड़, औसर, औचक
कुबुरा, बुराईकुपात्र, कुपुत्र, कुकर्म, कुरीति, कुसंग
सु / सअच्छा, सहितसुडौल, सुजान, सुपुत्र, सपूत, सपरिवार
नीकमी, बिनानिडर, निकम्मा, निहत्था, निधड़क
बिनबिना, निषेधबिनब्याहा, बिनदेखा, बिनखाया, बिनजाना
भरपूरा, ठीकभरपेट, भरपूर, भरसक, भरमार
दुबुरा, हीन, दोदुबला, दुलत्ती, दुधारू, दुगुना, दुलारा
चौचारचौराहा, चौमासा, चौपाई, चौकोना
तितीनतिरंगा, तिराहा, तिपाई, तिकोन
परदूसरा, बाद कापरलोक, परोपकार, परहित, परदादा, परपोता

हिंदी के उपसर्गों की विशेषताएँ

(upsarg kise kahte hai) ( उपसर्ग किसे कहते हैं)

  1. सरलता: ये उपसर्ग संस्कृत की तुलना में अधिक सरल होते हैं और आमतौर पर देशज या तद्भव शब्दों के साथ ही जुड़ते हैं।
  2. गिनती वाले शब्द: हिंदी के उपसर्गों में गिनती वाले शब्द (जैसे- उन, चौ, ति, दु) बहुत अधिक प्रयोग होते हैं।
  3. नकारात्मकता: ‘अ’, ‘अन’, ‘बिन’ और ‘नी’ जैसे उपसर्ग शब्द का अर्थ उल्टा या नकारात्मक कर देते हैं।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव (Exam Tips)

  • ‘उन’ उपसर्ग: प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर ‘उन्नीस’ या ‘उनचास’ देकर उपसर्ग पूछा जाता है। याद रखें ‘उन’ का अर्थ होता है ‘एक कम’ (जैसे 20 में एक कम = 19)।
  • स और सु में अंतर: ‘स’ और ‘सु’ दोनों का अर्थ ‘अच्छा’ होता है, लेकिन ‘स’ का अर्थ ‘सहित’ भी होता है (जैसे: सपरिवार)।
  • सन्धि का अभाव: हिंदी के उपसर्गों में संस्कृत की तरह जटिल संधियाँ (जैसे यण संधि) बहुत कम होती हैं, इसलिए इन्हें पहचानना आसान होता है।

3. विदेशी (आगत) उपसर्ग: उर्दू, फारसी और अंग्रेजी

(upsarg kise kahte hai )( उपसर्ग किसे कहते हैं)

​हिंदी भाषा की यह विशेषता है कि इसने अन्य भाषाओं के शब्दों को भी खुले दिल से अपनाया है। जो उपसर्ग विदेशी भाषाओं (मुख्यतः अरबी, फारसी और अंग्रेजी) से हिंदी में आए हैं, उन्हें विदेशी या आगत उपसर्ग कहा जाता है।

उर्दू और फारसी के प्रमुख उपसर्ग

​इनका प्रयोग अक्सर उर्दू या फारसी मूल के शब्दों के साथ ही होता है:

उपसर्गअर्थउदाहरण (Examples)
बेबिनाबेईमान, बेचारा, बेगुनाह, बेवकूफ, बेदम
लाबिना, नहींलावारिस, लाजवाब, लापता, लाचार, लाइलाज
बदबुराबदनाम, बदसूरत, बदबू, बदकिस्मत, बदहजमी
खुशअच्छाखुशबू, खुशखबरी, खुशमिजाज, खुशहाल, खुशनसीब
नाअभाव, नहींनालायक, नासमझ, नादान, नापाक, नाराज
गैरभिन्न, विरुद्धगैरहाजिर, गैरकानूनी, गैरजिम्मेदार, गैरसरकारी
कमथोड़ा, हीनकमजोर, कमअक्ल, कमउम्र, कमबख्त
हरप्रत्येकहरदम, हरदिन, हर साल, हर एक, हर तरफ
दरमेंदरअस्ल, दरकिनार, दरमियान, दरखास्त
सरमुख्यसरपंच, सरकार, सरहद, सरताज
बासहितबाकायदा, बाइज्जत, बाअदब, बामुलाहिजा
हमसमान, साथहमसफर, हमदर्द, हमशक्ल, हमवतन, हमउम्र

अंग्रेजी के प्रमुख उपसर्ग

​आजकल हिंदी में अंग्रेजी उपसर्गों का प्रयोग भी बहुत सामान्य हो गया है:

  • सब (Sub): नीचे, उप — उदाहरण: सब-इंस्पेक्टर, सब-जज, सब-कमेटी।
  • डिप्टी (Deputy): सहायक — उदाहरण: डिप्टी-कलेक्टर, डिप्टी-मिनिस्टर।
  • वाइस (Vice): उप — उदाहरण: वाइस-चांसलर, वाइस-प्रेसिडेंट।
  • जनरल (General): प्रधान — उदाहरण: जनरल मैनेजर, जनरल सेक्रेटरी।
  • चीफ (Chief): मुख्य — उदाहरण: चीफ-मिनिस्टर, चीफ-इंजीनियर।
  • हेड (Head): मुख्य — उदाहरण: हेड-मास्टर, हेड-क्लर्क।

4. उपसर्ग की तरह प्रयुक्त होने वाले संस्कृत अव्यय

(upsarg kise kahte hai) ( उपसर्ग किसे कहते हैं)

​यह उपसर्ग का चौथा और अंतिम प्रकार है। संस्कृत के कुछ ऐसे शब्द (अव्यय) हैं जो स्वतंत्र शब्द होने के बावजूद हिंदी में उपसर्ग की तरह व्यवहार करते हैं:

अव्ययअर्थउदाहरण (Examples)
अन्तःभीतरअंतःकरण, अंतर्राष्ट्रीय, अंतर्यामी, अंतरात्मा
अधःनीचेअधःपतन, अधोमुख, अधोवस्त्र
पुनर्फिरपुनर्जन्म, पुनरागमन, पुनर्निर्माण, पुनर्मूल्यांकन
साथसहचर, सहपाठी, सहयोग, सहमत, सहोदर
स्वअपनास्वतंत्र, स्वदेश, स्वार्थ, स्वभाव
पुरापुरानापुरातत्व, पुरातन, पुरावस्तु
सतअच्छासत्संग, सत्कर्म, सदाचार, सत्कार

उपसर्ग अलग करने के 3 अचूक नियम (Rules to Identify)

  1. मूल शब्द सार्थक हो: उपसर्ग हटाने के बाद जो शब्द बचे, उसका कोई न कोई अर्थ (Meaning) जरूर होना चाहिए।
    • जैसे: ‘अधर्म’ में से ‘अ’ हटाने पर ‘धर्म’ बचता है, जिसका अर्थ है। अतः यहाँ ‘अ’ उपसर्ग है।
  2. सन्धि का ध्यान रखें: संस्कृत उपसर्गों में अक्सर सन्धि होती है।
    • जैसे: ‘उन्नति’ में ‘उन’ उपसर्ग नहीं है, बल्कि ‘उत्’ उपसर्ग है (उत् + नति)।
  3. उच्चारण पर गौर करें: विदेशी उपसर्गों को उनके उच्चारण से आसानी से पहचाना जा सकता है।
    • जैसे: ‘नालायक’ में ‘ना’ (उर्दू उपसर्ग) साफ सुनाई देता है।

परीक्षाओं में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले उदाहरण :

(upsarg kise kahte hai) (उपसर्ग किसे कहते हैं)

(उपसर्ग किसे कहते है)

1. संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम) – 100+ उदाहरण

  1. अति (अधिक/परे): अत्यंत, अत्याचार, अतिरिक्त, अतिशय, अतिवृष्टि, अतिक्रमण, अतिमानव, अतिउत्साह, अतिशयोक्ति, अतिरेक।
  2. अधि (श्रेष्ठ/ऊपर): अधिकार, अध्यक्ष, अधिपति, अधिराज, अधिगम, अधिभार, अधिकरण, अधिनायक, अधिसूचना, अधिवेशन।
  3. अनु (पीछे/समान): अनुज, अनुशासन, अनुभव, अनुवाद, अनुकरण, अनुरूप, अनुमोदन, अनुकम्पा, अनुस्वार, अनुसंधान।
  4. अप (बुरा/हीन): अपमान, अपशब्द, अपराध, अपकार, अपकीर्ति, अपव्यय, अपशकुन, अपवाद, अपहरण, अपभ्रंश।
  5. अभि (सामने/पास): अभिमान, अभ्यास, अभिभाषण, अभिनव, अभिवादन, अभिलाषा, अभिमुख, अभिप्राय, अभियोग, अभिशाप।
  6. अव (बुरा/नीचे): अवगुण, अवनति, अवतार, अवलोकन, अवशेष, अवहेलना, अवस्था, अवचेतन, अवकाश, अवमानना।
  7. आ (तक/समेत): आजीवन, आरक्षण, आक्रमण, आभार, जन्म, आदान, आह्लाद, आकार, आचरण, आजीवन।
  8. उत्/उद् (ऊँचा/श्रेष्ठ): उत्साह, उन्नति, उद्गम, उत्कर्ष, उत्तम, उद्धार, उत्पन्न, उच्चारण, उत्थान, उल्लेख।
  9. उप (निकट/छोटा): उपदेश, उपवन, उपनाम, उपचार, उपहार, उपहास, उपमंत्री, उपभोग, उपनिवेश, उपग्रह।
  10. दुर्/दुस् (बुरा/कठिन): दुर्जन, दुर्दशा, दुर्लभ, दुर्घटना, दुरुपयोग, दुस्साहस, दुसाध्य, दुष्कर, दुश्चिंता, दुर्गम।
  11. निर्/निस् (बिना/बाहर): निर्धन, निर्मल, निर्दोष, निर्भय, निर्वाचित, निश्चय, निस्तेज, निष्काम, निष्फल, निरपराध।
  12. नि (नीचे/भीतर): निपात, नियोग, निवारण, निमग्न, निबंध, निवास, नियत, निदेशक, निरोध, निपुण।
  13. परा (उलटा/पीछे): पराजय, पराभव, परामर्श, पराक्रम, परावर्तन, पराविद्या, पराकाष्ठा, पराभूत।
  14. परि (चारों ओर): पर्यावरण, परिपूर्ण, परिधि, परिणाम, परिमार्जन, परिचय, परिवर्तन, परिक्रमा, परिमाण, परिश्रम।
  15. प्र (अधिक/आगे): प्रयत्न, प्रहार, प्रमाण, प्रलय, प्रगति, प्रकाश, प्रताप, प्रयोग, प्रसार, प्रख्यात।
  16. प्रति (प्रत्येक/विपरीत): प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रत्येक, प्रतिध्वनि, प्रतिवाद, प्रतिशोध, प्रतिकार, प्रतिनिधि, प्रतिमा, प्रतिक्षण।
  17. वि (विशेष/भिन्न): विज्ञान, विदेश, विवाद, विशेष, विलोम, विकास, विभाग, विधान, वियोग, विनाश।
  18. सम् (पूर्णता/साथ): संतोष, सम्मेलन, संहार, संकल्प, संचय, संस्मरण, संयोग, सम्मान, सम्मुख, सन्निकट।
  19. सु (अच्छा/सरल): सुपुत्र, सुगम, सुशिक्षित, सुलभ, स्वागत, सुलेख, सुगन्ध, सुबोध, सुअवसर, सुमति।

2. हिंदी के उपसर्ग (तद्भव) – 60+ उदाहरण

  1. अ/अन (अभाव): अछूत, अथाह, अटल, अनपढ़, अनमोल, अनजान, अनबन, अनहोनी, अचेत, अनचाहा।
  2. अध (आधा): अधपका, अधमरा, अधखिला, अधकचरा, अधजला, अधनंगा।
  3. उन (एक कम): उन्नीस, उनतीस, उनचास, उनसठ, उनहत्तर, उन्यासी।
  4. कु (बुरा): कुपात्र, कुपुत्र, कुकर्म, कुरीति, कुसंग, कुख्यात, कुचक्र, कुमति।
  5. दु (बुरा/दो): दुबला, दुलत्ती, दुधारू, दुगुना, दुलारा, दुरंगा, दुपट्टा।
  6. नी (बिना): निडर, निकम्मा, निहत्था, निधड़क, निगोड़ा, निहत्था।
  7. बिन (बिना): बिनब्याहा, बिनदेखा, बिनखाया, बिनजाना, बिनबोले, बिनमाँगा।
  8. भर (पूरा): भरपेट, भरपूर, भरसक, भरमार, भरकम, भरपाई।
  9. चौ (चार): चौराहा, चौमासा, चौपाई, चौकोना, चौपाल, चौखट।
  10. स/सु (सहित/अच्छा): सुडौल, सुजान, सपूत, सपरिवार, सजग, सलोना, सफल।
  11. पर (दूसरा): परलोक, परोपकार, परहित, परदादा, परपोता, परजीवी।

3. विदेशी (उर्दू/अंग्रेजी) उपसर्ग – 50+ उदाहरण

  1. बे (बिना): बेईमान, बेचारा, बेगुनाह, बेवकूफ, बेदम, बेनकाब, बेनाम, बेघर, बेबस, बेमिसाल।
  2. ला (बिना): लावारिस, लाजवाब, लापता, लाचार, लाइलाज, लापर्वाह, लामानी।
  3. बद (बुरा): बदनाम, बदसूरत, बदबू, बदकिस्मत, बदहजमी, बदमिजाज, बददुआ, बदचलन।
  4. खुश (अच्छा): खुशबू, खुशखबरी, खुशमिजाज, खुशहाल, खुशनसीब, खुशदिल, खुशकिस्मत।
  5. ना (नहीं): नालायक, नासमझ, नादान, नापाक, नाराज, नाकाफी, नामुमकिन, नापसंद।
  6. गैर (विरुद्ध): गैरहाजिर, गैरकानूनी, गैरजिम्मेदार, गैरसरकारी, गैरवाजिब, गैरमुल्क।
  7. हम (साथ): हमसफर, हमदर्द, हमशक्ल, हमवतन, हमउम्र, हमराह, हमसाया।
  8. कम (थोड़ा): कमजोर, कमअक्ल, कमउम्र, कमबख्त, कमसिन, कमखर्च।
  9. सर (मुख्य): सरपंच, सरकार, सरहद, सरताज, सरगना, सरनाम।
  10. हर (प्रत्येक): हरदम, हरदिन, हर साल, हर एक, हर तरफ, हर वक्त।
  11. सब (Sub): सब-इंस्पेक्टर, सब-जज, सब-कमेटी, सब-रजिस्ट्रार।
  12. डिप्टी/वाइस: डिप्टी-कलेक्टर, डिप्टी-जेलर, वाइस-चांसलर, वाइस-प्रेसिडेंट।
  13. हेड/चीफ: हेड-मास्टर, हेड-क्लर्क, चीफ-मिनिस्टर, चीफ-इंजीनियर।

उपसर्ग किसे कहते है ? उपसर्ग के प्रकार एवं उदाहरण निम्न पीडीएफ से डाउनलोड कर सकते हैं👇

इस PDF की विशेषताएं:

  • संस्कृत के उपसर्ग: सभी 22 उपसर्ग उनके अर्थ और ढेर सारे उदाहरणों के साथ।
  • हिंदी के उपसर्ग: तद्भव शब्दों के साथ प्रयोग होने वाले महत्वपूर्ण उपसर्ग।
  • विदेशी उपसर्ग: उर्दू, फारसी और अंग्रेजी (जैसे- बे, खुश, सब, हेड) के लोकप्रिय उदाहरण।
  • व्यवस्थित तालिका: छात्रों के पढ़ने और याद करने के लिए आसान टेबल फॉर्मेट।

उपसर्ग किसे कहते हैं

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“उपसर्ग किसे कहते हैं? इस लेख में उपसर्ग की परिभाषा, भेद और संस्कृत, हिंदी व उर्दू के 200+ उदाहरण विस्तार से समझें। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण नोट्स और PDF।”

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उपसर्ग किसे कहते हैं

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